कृषि विस्तार सेवाएं

नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (एनएफएल), शैड्यूल ’ए’ तथा मिनी रत्न कंपनी का निगमन 23 अगस्त, 1974 को हुआ था | एनएफएल एक सार्वजनिक क्षेत्र की लिमिटेड कंपनी है और इसके निम्नलिखित पांच यूरिया (उर्वरक) विनिर्माण यूनिट हैं:

नंगल

पंजाब

बठिण्डा

पंजाब

पानीपत

हरियाणा

विजयपुर-I

मध्य प्रदेश

विजयपुर-II

मध्य प्रदेश


एनएफएल वर्तमान में नीम लेपित यूरिया, जैव-उर्वरक (ठोस तथा तरल) के तीन स्ट्रेन, प्रमाणित बीज तथा अन्य सम्बद्ध औद्योगिक उत्पाद जैसे नाइट्रिक ऐसिड, अमोनियम नाइट्रेट, सोडियम नाइट्राइट तथा सोडियम नाइट्रेट का उत्पादन तथा विपणन करता है |

कंपनी सिंगल विंडो अवधारणा के अंतर्गत अपने मौजूदा विशाल डीलर नेटवर्क के माध्यम से विभिन्न कृषि आदानों जैसे प्रमाणित गुणवत्ता बीज, कृषि रसायन जैसे कीटनाशक/जीवाणुनाशक, बैन्टोनाइट सल्फर, सिटी कंपोस्ट इत्यादि का कारोबार भी करती है |

इसके अतिरिक्त, कंपनी ने गैर-यूरिया उर्वरकों जैसे डीएपी, एपीएस, एमओपी के आयात एवं बिक्री के व्यवसाय की भी शुरूआत की है |    


फार्मर्स डेस्क - कृषि विस्तार सेवाएं

एनएफएल, किसानों को खेती के बेहतर और वैज्ञानिक तरीकों पर तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराने, उर्वरकों के समुचित उपयोग करने के प्रति शिक्षित करने और कृषि के क्षेत्र में नवीनतम विकास के बारे में उनके ज्ञान में वृद्धि करने के उद्देश्य से कृषि विस्तार सेवाओं का आयोजन करता रहता है और इस प्रकार उत्पादकता बढाने में उनकी मदद करता है | एनएफएल प्रोद्योगिकी हस्तांतरण और किसानों को गुणवर्धित उत्पाद एवं सेवाएं जैसे कि मिट्टी जांच की निशुल्क सुविधा, प्रदान करने तथा किसानों के हित के लिये ग्रामीण स्तर पर उर्वरक शिक्षा कार्यक्रम जैसे प्रदर्शन, किसान प्रशिक्षण आयोजित करना, गांवों को अपनाना तथा फसल साहित्य प्रदान करना आदि पर अत्यधिक जोर देता है |

1. डीलर्स/रिटेलर्स (खुदरा विक्रेताओं) के लिये प्रशिक्षण कार्यक्रम

डीलर/रिटेलर,  कंपनी और किसानों के बीच एक महत्वपूर्ण कडी है और संतुलित तरीके से उर्वरकों का इस्तेमाल करने और एकीकृत पोषक प्रबंधन को अपनाने के लिये किसानों को प्रेरित करने के लिये प्रमुख परिवर्तन एजैण्ट हैं | वर्ष के दौरान 36 डीलर्स/रिटेलर्स ओरिएन्टेशन कार्यक्रम आयोजित किये गये जिनमें 2500 से अधिक डीलर्ज/रिटेलर्ज ने भाग लिया जिन्हें उर्वरकों/कृषि उत्पादों तथा खेती के उन्नत तरीकों के बारे जानकारी दी गई ताकि किसानों को बिक्री के प्वाइंट पर नवीनतम जानकारी उपलब्ध कराई जा सके |


2. किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम

किसानों की फसल उपज तथा कृषि आय को अनुकूलित करने के लिये उन्हें मिट्टी की जांच, मिट्टी के स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरीकरण इत्यादि के बारे शिक्षित करना अनिवार्य है | 2016-17 के दौरान 84 किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये गये और 5000 से अधिक किसानों ने इन कार्यक्रमों का लाभ उठाया | इन शिक्षाप्रद कार्यक्रमों के दौरान किसानों को मिट्टी की उर्वरता, मिट्टी में विभिन्न पोषक तत्वों की कमी, उर्वरकों के गुणकारी उपयोग तथा अधिक से अधिक उपज प्राप्त करने जैसे मुद्दों से अवगत करवाया गया | इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को जैव-उर्वरकों तथा सिटी कम्पोस्ट के दीर्घकालिक उपयोग तथा इनसे होने वाले लाभ के प्रति भी शिक्षित किया गया |

3. कृषि संस्थानों में दो दिवसीय आवासीय कार्यक्रम/किसानों का दौरा |

कृषि विश्वविद्यालय, अनुसंधान केन्द्र व कृषि विज्ञान केन्द्र, नवीनतम कृषि तकनीकों, फसलों की नई तथा उच्च पैदावार वाली किस्मों, कृषि तथा संबद्ध कृषि क्षेत्र में उन्नत प्रोद्योगिकी इत्यादि के लिये ज्ञान के केन्द्र हैं | वर्ष 2016-17 के दौरान किसानों के लिये आसपास के कृषि विश्वविद्यालय/अनुसंधान केन्द्र/किसान विकास केन्द्र के दौरों का आयोजन किया गया जिससे किसानों को व्यावहारिक रूप से उपरोक्त स्थानों पर जाने का अवसर प्राप्त हुआ | 2016-17 के दौरान 11 कार्यक्रमों के माध्यम से 700 किसान लाभान्वित हुये |

4. खेत प्रदर्शन

फसल वृद्धि तथा उपज पर किसानों के अपने तरीकों की तुलना में जैव-उर्वरकों तथा सिटी कम्पोस्ट के दीर्घकालिक प्रभाव को दर्शाने के लिये वर्ष 2016-17 के दौरान किसानों के खेतों में जैव-उर्वरकों तथा सिटी कम्पोस्ट के क्रमश: 87 तथा 85 प्रदर्शन आयोजित किये गये | यह प्रदर्शन 2017-18 के दौरान उन्हीं स्थानों तथा उसी पैटर्न पर जारी रहेंगे ताकि किसानों को जैव-उर्वरकों तथा सिटी कम्पोस्ट के उपयोग के दीर्घकालिक प्रभाव को दिखाया जा सके |

5. मिट्टी की जांच


मिट्टी की पोषण संबंधी स्थिति को जानने तथा मिट्टी तथा फसल विशिष्ट समाधान के लिये मिट्टी की जांच के महत्व को ध्यान में रखते हुये, एनएफएल मिट्टी की जांच के द्वारा किसानों को सलाहकार सेवाएं देने के सभी प्रयास कर रहा है | विश्लेषण के आधार पर, किसानों को खाद, उर्वरक और अन्य इनपुट्स के तर्कसंगत उपयोग के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता के प्रबंधन पर सलाह दी जाती है जिससे वे कृषि को और अधिक उपजाऊ और टिकाऊ बना सकते हैं | वर्ष के दौरान मिट्टी जांच की 6 स्थिर एवं 4 चल प्रयोगशालाओं के माध्यम से प्रमुख एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के लिये मिट्टी के 30,000 से अधिक नमूनों की जांच की गई और सलाह दी गई |

वर्ष 2016-17 के दौरान, एनएफएल ने मिट्टी परीक्षण अभियानों के आयोजन के माध्यम से किसानों के दरवाजे तक मिट्टी जांच की सेवाएं प्रदान करने की ओर कदम बढ़ाया है । इन अभियानों के अन्तर्गत, मिट्टी के नमूने इकट्ठे करने के लिये किसानों को नमूना लेने के सही तरीके का प्रदर्शन करके तथा उसी जगह पर मिट्टी की जांच करके और जांच के परिणामों के आधार पर सलाह देने के लिये हमारी चल मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं तथा प्रयोगशाला स्टाफ का उपयुक्त उपयोग किया गया | पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं काश्मीर, उत्तर प्रदेश, बिहार तथा झारखण्ड राज्यों में इस प्रकार के 31 अभियान चलाये गये |

6. कृषि मेला तथा कृषि प्रदर्शनियों में भागीदारी

कृषि प्रदर्शनियॉं और किसान मेले, कृषि विषय के सभी क्षेत्रों जैसे खेती, पशुधन, डेरी, आयात एवं निर्यात, मुर्गी पालन तथा बागवानी को एक ही छत के नीचे ले आते हैं जहां उत्पादों के प्रदर्शन, विचारों के आदान-प्रदान तथा हमारी अर्थ व्यवस्था के इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों की उन्नति, स्थिरता और विकास के लिये विचारों को सांझा करने का अवसर प्रदान करते हैं | कृषि प्रदर्शनियों और विश्वविद्यालय किसान मेलों में भागीदारी किसानों से सीधे संवाद करने और विभिन्न कृषि क्षेत्रों के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से बातचीत करने के लिये प्रभावी माध्यम हैं | वर्ष 2016-17 में एनएफएल ने अग्रणी कृषि विश्वविद्यालयों, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और जम्मू व काश्मीर के कृषि विभागों द्वारा आयोजित 51 कृषि मेलों/कृषि प्रदर्शनियों में भागीदारी की |

7. किसान सुविधा केन्द्र (केएसके) खोलना

उर्वरक विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार तथा सभी किसानों को उर्वरकों सहित सारे कृषि आदान तथा मिट्टी की जांच तथा परामर्शी सेवाओं सहित सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे प्रदान करने के उद्देश्य से, एन एफ एल द्वारा अपने पूरे विपणन क्षेत्र में किसान सुविधा केन्द्र (केएसके) खोले गये | 2016-17 के दौरान एनएफएल द्वारा पंजाब (20), हरियाणा (14), राजस्थान (6), उत्तर प्रदेश (11), उत्तराखण्ड (4), बिहार (13), झारखण्ड (2), मध्य प्रदेश (24) तथा छत्तीसगढ (6) कुल 100 किसान सेवा केन्द्र खोले गये हैं | इन किसान सेवा केन्द्रों के माध्यम से मिट्टी के 3500 नमूने इकट्ठे किये गये, मिट्टी की जांच करने की चल तथा स्थिर प्रयोगशालाओं में उनका विश्लेषण किया गया और किसानों को रिपोर्ट सौंपी गई | इन किसान सेवा केन्द्रों में आयोजित किये गये विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को एनएफएल के उत्पादों तथा विभिन्न फसलों पर 36000 सूचना पत्र बांटे गये |




 

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