कंपनी रुपरेखा एवं पृष्ठभूमि

एन.एफ.एल, अनुसूची 'ए', मिनी रत्न (श्रेणी-1) कंपनी है जिसे पानीपत तथा बठिण्डा में तेल/ एलएसएचएस ईंधन आधारित दो यूरिया संयंत्रों को, 5.11 लाख मीट्रिक टन प्रत्‍येक की वार्षिक क्षमता स्‍थापित करने के लिए, जिन्‍हें वर्ष 1979 में उत्‍पादन शुरू आरंभ करना था, 23 अगस्‍त, 1974 को स्‍थापित किया गया था। भारतीय खाद्य निगम के नंगल संयंत्र (जिसकी मौजूदा वार्षिक स्‍थापित क्षमता 4.785 लाख मीट्रिक टन यूरिया है) का विलय भी, भारतीय खाद्य निगम समूह के संयंत्रों के पुनर्गठन के पश्‍चात, 1978 में एन.एफ.एल. में कर दिया गया था। तदुपरांत, कंपनी के द्वारा एचबीजे गैस पाईप लाइन पर पहला गैस आधारित अंतर्देशीय संयंत्र विजयपुर, जिला गुना (मध्‍यप्रदेश) में लगाया गया जिसकी पुन: मूल्‍यांकित वार्षिक क्षमता 8.65 लाख मीट्रिक टन थी तथा इसने जुलाई 1978 में वाणिज्यिक उत्‍पादन शुरू किया और तत्‍पश्‍चात्, वर्ष 1997 में इसका विस्‍तार करके, इस संयंत्र की क्षमता दोगुनी कर दी गई। भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार, कंपनी ने पानीपत, बठिण्डा तथा नंगल के अपने तीनों ईंधन तेल संयंत्रों का वर्ष 2013 में रू. 4066 करोड़ के कुल निवेश  द्वारा पुर्नोत्‍थान  करके, इनके फीडस्‍टॉक को ईंधन तेल से बदलकर पर्यावरण अनुकूलन ईंधन अर्थात प्राकृतिक गैस में कर दिया, जिससे न केवल ऊर्जा की खपत/ कार्बन पदचिन्‍हों में कमी  आई है, अपितु भारत सरकार पर अनुदान का भार भी कम हुआ है। कंपनी ने क्षमता को बढ़ाने और ऊर्जा की बचत करने के लिए वर्ष 2012 में अपने विजयपुर स्थित दोनों संयंत्रों का पुर्नोत्‍थान भी किया है, जिससे कंपनी, कंपनी की लाभप्रदता में सुधार करने हेतु संयंत्र की पुन: मूल्‍यांकित क्षमता से, अधिक यूरिया उत्‍पादित करने में सफल रही है। कंपनी की वर्तमान वार्षिक स्‍थापित क्षमता 35.68 लाख मीट्रिक टन यूरिया की है।

एन.एफ.एल. देश में यूरिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्‍पादक है जिसका हिस्‍सा, कुल उत्‍पादन में 15.5% है तथा सार्वजनिक क्षेत्र की यूरिया उत्पादक कंपनियों में सबसे बड़ा यूरिया निर्माता है।
एन.एफ.एल. की अधिकृत पूंजी 1000 करोड़ तथा चुकता पूंजी 490.58 करोड़ रूपये है जिसमें से 89.71% शेयर भारत सरकार के पास और 10.29% शेयर वित्तीय संस्थानों तथा अन्‍य के पास है।

एन.एफ.एल. नीम लेपित यूरिया, जैविक उर्वरक (ठोस और तरल) तथा अमोनिया, नाइट्रिक एसिड, अमोनियम नाइट्रेट, सोडियम नाइट्राइट और सोडियम नाइट्रेट जैसे अन्य सम्‍बद्ध औद्योगिक उत्पादों के विपणन में लगी हुई है। एन.एफ.एल. ने 2015-16 के दौरान, गेहूं, सोयाबीन, धान आदि के गुणवत्तापूर्ण बीजों के उत्पादन के लिए, अपने खुद के ब्रांड में बिक्री हेतु, गुणन कार्यक्रम भी शुरू किया है।
कंपनी के पास विजयपुर में एक जैविक उर्वरक संयंत्र भी है जिसकी वार्षिक क्षमता 100 टन ठोस (लिग्नाइट आधारित) और 125 किलो लीटर तरल जैविक उर्वरकों की है जिसमें जैविक उर्वरकों के तीन उपभेद (ठोस और तरल) अर्थात पीएसबी, रहिजोबियम और एजोटोबैक्टर उत्पादित किए जाते हैं। इन जैविक उर्वरकों को देश के विभिन्न राज्यों में बेचा जाता है।

उत्पादन व्यवसाय के अतिरिक्‍त, एन.एफ.एल. व्यापारिक कारोबार में भी है और डीएपी, एमओपी, बेंटोनाइट सल्फर तथा विभिन्‍न अन्‍य कृषि उत्‍पादों जैसेकि प्रमाणित बीज, कीटनाशक/खर-पतवार नाशक, बेंटोनाइट सल्फर, खाद आदि जैसे आयातित तथा देशीय कृषि रसायनों को, एकल खिड़की अवधारणा के तहत, अपने मौजूदा विशाल डीलरों के नेटवर्क के माध्‍यम से बेच रहा है। कंपनी ने, अपने विपणन नेटवर्क के माध्यम से सीमेंट, लूब्रिकेंट जैसे गैर-कृषि उत्पादों के व्यापार में प्रवेश करने की योजना भी तैयार की है।

कंपनी का एक विशाल विपणन नेटवर्क है  जिसमें नोएडा में एक केन्द्रीय विपणन कार्यालय, भोपाल, लखनऊ और चंडीगढ़ में तीन अंचल कार्यालय, 12 राज्य कार्यालय और राज्यों और संघ शासित प्रदेशों भर में फैले 38 क्षेत्रीय कार्यालय शामिल है।

कंपनी के ध्‍येय अर्थात “उर्वरकों तथा सभी हितधारकों के साथ प्रतिबद्धता से आगे, एक अग्रणी कंपनी बनने हेतु“ को प्राप्‍त करने के लिए, एन.एफ.एल. ने मेसर्ज ईआईएल तथा मेसर्ज एफसीआईएल के साथ मिल कर रामागुंडम में पुराने एफसीआईएल संयंत्र (12.71 लाख मीट्रिक टन की वार्षिक यूरिया क्षमता) को पुनर्जीवित करने के लिए 26% इक्विटी धारिती के साथ रामागुंडम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (RFCL) के रूप में एक संयुक्‍त उपक्रम (जेवी) बनाया है। कंपनी इस संयुक्त उद्यम की कंपनी के द्वारा उत्पादित यूरिया को बेचने के लिए अपने मौजूदा विपणन नेटवर्क का लाभ प्रदान करने और इस संयंत्र को परिचालन और रखरखाव हेतु सेवाएं प्रदान करने पर भी विचार कर रही है।

कंपनी, कच्छ के छोटे रण क्षेत्र की उपरी मिट्टी के बिट्रनों, पानी में घुलनशील उर्वरक, जस्ते में घुलनशील जैविक उर्वरक के उपयोग द्वारा पानीपत में बेंटोनाइट सल्फर, पोटाश के मूरेट (एमओपी) का निर्माण करने हेतु नए उपक्रम स्‍थापित करने की प्रक्रिया में भी है। कंपनी ने यूरिया अमोनिया नाइट्रेट (यूएएन) का एप्‍लीकेटर एवं लॉजिस्टिक व्‍यवस्‍था बनाने तथा विकसित करने के लिए मेसर्ज आईएआरआई, नई दिल्ली के साथ मिलकर एक अनुसंधान एवं विकास हेतु प्रयास भी किया है जिसे  नंगल इकाई में उत्पादित करने की परिकल्पना की गई है।


कंपनी विभिन्‍न कृषि विस्‍तार सेवाएं प्रदान करने, जैसेकि उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग के साथ साथ मिट्टी की उत्‍पादकता सुधारने के लिए, उन्‍नत तथा वैज्ञानिक तरीके से खेती किस प्रकार की जाए, के बारे में पूर्ण जानकारी देने हेतु किसानों को शिक्षित कर रही है। उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल  करने के लिए, अपनी स्थिर और मोबाइल मृदा परीक्षण वाहनों के माध्यम से स्थूल और सूक्ष्म पोषक तत्वों के लिए मिट्टी का विश्लेषण करके, कंपनी किसानों का सहयोग कर रही है।


सतत विकास की दिशा में, एन.एफ.एल ने पर्यावरण प्रबंधन, ऊर्जा संरक्षण और सामाजिक उत्‍थान के लिए सर्वोत्‍तम प्रथाओं को अपनाने हेतु विभिन्‍न उपाय किए है।  इनमें से कुछ एक में, अपने तीन ईंधन तेल आधारित संयंत्रों को प्राकृतिक गैस में बदलना, जोकि साफ और हरित ईंधन है, कोयले से चलने वाले बॉयलरों को बदल की गैस आधारित संयंत्रों में बदलना, कारपोरेट कार्यालय और बठिण्डा इकाई में 100 किलोवाट तथा 90 किलोवाट के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना, उड़ने वाली राख का हरित तरीके से निपटान, ऊर्जा कुशल रोशनी (एलईडी) लगाना, वर्षा जल संचयन, वनीकरण आदि शामिल है। कंपनी, अगले कुछ वर्षों में अपनी इकाईयों में अधिक क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्रों को लगाने पर विचार कर रही है।


कंपनी, निगमित सामाजिक दायित्व के प्रति समान रूप से संवेदनशील तथा प्रतिबद्ध है और मुख्य रूप से बच्चों की शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और स्वच्छता आदि जैसे क्षेत्रों पर ध्‍यान केंद्रित कर रही है। कंपनी, प्राकृतिक संसाधनों के कुशल और टिकाऊ उपयोग हेतु इनके संरक्षण पर भी ध्‍यान दे रही है। कंपनी ने पुराने और विकृत जल निकायों के नवीकरण तथा रखरखाव, मध्य भारत के गंभीर पानी की कमी वाले क्षेत्रों में चैक बांधों के निर्माण से जल संरक्षण के क्षेत्र में उपाय किए हैं। कंपनी ने वृद्धाश्रमों और दूरस्थ तथा पिछड़े गांवों में, जहां बिजली की बहुत अधिक  समस्या है, में सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम, सोलर लाइट, सोलर लालटेन आदि को लगाकर, कंपनी ने ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों की शुरूआत करने पर ध्यान केंद्रित करने के दृष्टिकोण को भी अपनाया है। स्वच्छ भारत अभियान की दिशा में, कंपनी ने अपनी निर्माण इकाईयों तथा विपणन प्रदेशों के आसपास के विभिन्न सरकारी स्‍कूलों में, जैव-शौचालयों सहित शौचालयों का निर्माण किया है।

 

क्या नया है

Signएन.एफ.एल. कॉर्पोरेट कार्यालय नोएडा ने मनाया सतर्कता सप्ताह 2016
Signप्रैस विज्ञप्ति : एन.एफ.एल. ने भारत सरकार को लाभांश भेंट किया। 
Signएन.एफ.एल. की 42वीं वार्षिक आम बैठक
Sign‘VANI’ has been awarded with first prize among all PSUs by SCOPE.
Signएन.एफ.एल. ने भारत सरकार के साथ वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए ।
Signएन.एफ.एल. ने वर्ष 2015-16 के दौरान 197 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया
SignAudited Annual Financial Results for the financial year 2015-16
Signमृदा स्वास्थ्य जागरूकता पखवाड़े का आयोजन
Signएन.एफ.एल. ने सरकार को ₹ 7.48 करोड़ का लाभांश दिया
SignUnaudited Financial Results for the quarter and half year ended 30.09.2015
SignRequired office space on rent
SignCMD’s interview on Gas Pooling
Signएन. एफ़. एल. ने मनाया सतर्कता जागरूर्ता सप्ताह
Signएन. एफ़. एल. की 41वीं वार्षिक सामान्य फैठक
Signएन.एफ़.एऱ. ने मनाया 42वाां स्थाऩना दिवस
SignOpenings for new JV-RFCL (For retired NFL employees only)
SignCode of Insider Trading.
SignEngagement of recently retired employees of NFL.
Signएन. एफ़. एल. ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया
Sign31 मार्च 2015 को समाप्त हुए वर्ष के लिए अंकेक्षित परिणाम
Signश्री मनोज मिश्रा ने एनएफएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध नदेशक का कायर्भार संभाला
Signएन एफ एल ने वर्ष 2014-15 के लिए परिणामों की घोषणा की
Sign Openings for Advisor / Senior consultant
Sign Code of Conduct for "BOARD MEMBERS AND SENIOR MANAGEMENT PERSONNEL"
Sign Terms and Conditions of Appointment of the Independent Directors
Sign एन.एफ.एल. ने अम्बेडकर जयंती मनाई
Sign NFL inks MoU with DoF for the year 2015-16
Sign DISPOSAL OF COAL MILL REJECT THROUGH OPEN SALE, QTY-8000 MT
Sign NFL BATHINDA BAGS FIRST PRIZE IN SAFETY IN PUNJAB
Sign ई बुकलेट- रसायन ओर उर्वरक मंत्रालय