कल्याण योजनाएं

 

कल्याण योजनाएं

•ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर वर्गों का सामाजिक-आर्थिक विकास करना।

• विजयपुर, पानीपत, बठिण्डा और नांगल इकाइयों ने अपने आसपास के क्षेत्रों में समाज के सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लाभ के लिए विभिन्न कार्यकलाप चलाए हैं। स्वास्थ्य जागरुकता कार्यक्रम, चिकित्सा शिविर भी आयोजित किए गए थे। आसपास के गांवों के गरीबों और जरूरतमंद लोगों के लिए वित्तीय सहायता, कंबल, सिलाई मशीने आदि उपलब्ध कारई गई थीं। अ.जा:/अ.ज.जा. के वर्गों से संबंधित प्रतिभाशाली छात्रों को छात्रवृत्ति, स्कूली बच्चों को लेखन-सामग्री मदें, स्वेटर, फर्नीचर मदें, आदि भी वितरित की गई थीं। आसपास के गांवों में सामुदायिक कार्य जैसे चारदीवारी का निर्माण, फलोरिंग कार्य तथा आसपास के स्कूलों में अन्य सिविल कार्य भी कराए गए थे ताकि छात्रों को बेहतर माहौल उपलब्ध हो सके।

• कंपनी फसल उत्पादकता और समाज के सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के जीवन स्तर में सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए अपनी सुदढ़ प्रतिबद्धता को देखते हुए कंपनी किसानों को न केवल उर्वरकों का दक्ष प्रयोग करने बल्कि स्थायी आधार पर संसाधनों के पर्यावरण अनुकूल प्रयोगों की भूमिका में भी लगातार लाभ पहुंचा रही है। इस कार्य को आगे बढ़ाते हुए वर्ष के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न फसलों पर 424 क्षेत्रीय प्रदर्शन और 161 आरएंडडी परीक्षण किए गए थे। लगभग 60,000 मृदा नमूने एकत्र किए गए थे और उनमें पोषक-तत्व की कमी की जांच की गई थी और विश्लेषण रिपोर्ट किसानों को उपलब्ध कराई गई थी। मृदा परीक्षण सिफारिशों के अनुसार सूक्ष्म पोषक-तत्वों सहित आदानों को लागू करने के लिए गहन किसान प्रशिक्षण के जरिए जन जागरुकता अभियान शुरू किया गया था।

•उन्नत कृषि प्रौद्योगिकी के संबंध में सूचना का प्रचार-प्रसार करने और किसानों के साथ सीधा संबंध स्थापित करने तथा किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग के बारे में शिक्षित करने तथा कीटनाशकों और फफूंदीनाशकों की जानकारी देने के अलावा उनका समय पर प्रयोग करने हेतु कृषि मेलों, प्रदर्शनियों, फसल संगोष्ठियों, किसान और डीलर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। इन कार्यक्रमों के दौरान स्थानीय भाषा में फोल्डरों, इश्तहारों, पुस्तिकाओं के रूप में 2 लाख से अधिक फसल साहित्य वितरित किया गया था। किसानों को कृषि डॉयरी, जिसमें किसानों और किसान संदेश का वार्षिक प्रकाशन होता है तथा एक मौसम-वार फसल सलाहकारी समाचार-पत्रिका किसानों को उपलब्ध कराई गई थी। महिलाओं और बच्चों के लिए कई स्वास्थ्य शिविर, पशुओं के लिए स्वास्थ्य शिविर, व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। पानी के टैंक, वॉटर कूलर, सोलर लाईटें, तिपहिया साहकिलें, स्कूल फर्नीचर, पुस्तकें आदि भी वितरित की गई थीं।